ऑटो मोबाइल

छतरपुरमध्य प्रदेश

अस्पताल के नए भवन में डॉक्टरों का बैठना शुरू, फरवरी से शाम को भी अस्पताल में मरीजों का उपचार करेंगे डॉक्टर

34Views
Spread the love

(लखन राजपूत)

छतरपुर। नए साल से जिला अस्पताल में मरीजों को कुछ राहत मिल सकती है। उद्घाटन के बाद दो महीने से बंद पड़ा जिला अस्पताल का नया भवन आखिरकार शुरू हो गया है। क्षेत्रीय विधायक आलोक चतुर्वेदी द्वारा 28 दिसम्बर को किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए अस्पताल प्रबंधन ने आखिरकार 2 जनवरी से जिला अस्पताल के नवीन भवन में डॉक्टरों की नियमित बैठक यानि ओपीडी की शुरूआत कर दी है। 2 जनवरी को तमाम डॉक्टर्स को उनके कक्ष अलॉट कर दिए गए जहां बैठकर उन्होंने मरीजों का उपचार किया।

फिर अस्पताल पहुंचे विधायक आलोक चतुर्वेदी

उधर आलोक चतुर्वेदी एक बार फिर 2 जनवरी की सुबह सुबह अस्पताल जा पहुँचे। यहाँ अचानक विधायक को अपने बीच पाकर एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन सकते में आ गया। हालांकि पूर्व में श्री चतुर्वेदी द्वारा दिये गए निर्देशों का असर अस्पताल में देखने को जरूर मिला। इसके साथ ही श्री चतुर्वेदी के निर्देश अनुसार डॉक्टर,स्टाफ नर्स,वार्ड बॉय और स्वीपर अपनी अपनी यूनिफॉर्म में नजऱ आये ताकि मरीजों को स्टाफ आसानी से नजऱ आये।

अवैध पार्किंग ठेका हटा, एक माह के भीतर दूसरा तल भी होगा शुरू

यहाँ विधायक ने एक बार फिर आरएमओ आरपी गुप्ता को बुलाकर परिवर्तन पर चर्चा की जिसके बाद श्री गुप्ता और सिविल सर्जन आरपी पांडे ने उन्हें बताया कि अस्पताल के बाहर लगने वाला अवैध पार्किंग ठेका हटा दिया गया है। नए भवन के ग्राउंड फ्लोर में डॉक्टर की ओपीडी शुरू हो गई है। 1 माह के भीतर प्रथम तल पर जांच मशीनें आदि शुरू हो जाएंगी।कुछ बन्द पड़ी मशीनें चालू करा दी गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 1 फरवरी से डॉक्टरो की इवनिंग ओपीडी भी अस्पताल में शुरू हो जाएगी यानी सुबह की तरह शाम को भी सभी डॉक्टरों दो घण्टे अस्पताल में मरीज देखेंगे।
श्री चतुर्वेदी ने फिर कहा है कि अस्पताल को 3 माह में सुचारू रूप से चालू कराना है इसको लेकर अमला तैयार रहे। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल की व्यवस्था में सुधार लाना उनकी प्राथमिकता है।वे समय समय पर इस तरह के निरीक्षण करते रहेंगे। अस्पताल प्रबंधन उनका सहयोग करे एवं उन्हें बताए कि उनकी क्या जरूरतें और समस्याएं हैं तो राज्य सरकार से उसका भी निदान कराया जाएगा।