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छतरपुरमध्य प्रदेश

पहले मुआवजा दो तब काम करने देंगे, किसानों ने फोरलेन का काम रोका तो तहसीलदार पहुंचे खेतों तक

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(लखन राजपूत)

छतरपुर जिले के नौगांव नगर से सटी ग्राम पंचायत बिलहरी को विशेष गांव का दर्जा प्राप्त है। नेशनल हाईवे ऑफ इंडिया द्वारा फोरलेन का काम कराया जा रहा है। पीएनसी कंपनी काम करने पहुंची तो किसानों ने कंपनी को इसलिए काम करने नहीं दिया क्योंकि किसान निर्धारित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कंपनी के काम को रोके जाने की जानकारी मिलने पर तहसीलदार पुलिस और राजस्व अमले के साथ किसानों के बीच पहुंचे जहां उन्हें समझाया लेकिन किसान निर्धारित मुआवजे पर अड़े हंै। तहसीलदार ने सोमवार को एसडीएम से चर्चा कर मामला सुलझाने की बात कही है।
बिलहरी से फोरलेन निकाली जानी है। पीएनसी कंपनी लाव-लश्कर के साथ सड़क बनाने के लिए पहुंची मगर यहां के किसानों ने इसलिए काम नहीं होने दिया क्योंकि उनका कहना है कि उन्हें दोगुना मुआवजा मिलना चाहिए जो नेशनल हाईवे नहीं दे रहा। तहसीलदार बीपी सिंह नेशनल हाईवे अथारटी के बालचन्द्र सुब्रमणियम, पीनएसी के कर्मचारी के अलावा टीआई एसपी सिंह बघेल, हल्का पटवारी भानुप्रताप चौबे के साथ किसानों के बीच पहुंचे। किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जानी थी लेकिन डालचन्द्र साहू, प्रीतम सिंह यादव, राजू अहिरवार, ममता सहित अन्य किसानों ने इसका विरोध किया। किसानों का कहना है कि गाईड लाईन के हिसाब से मुआवजा नहीं दिया जा रहा। विशेष गांव का दर्जा प्राप्त बिलहरी को अन्य स्थानों से दोगुना मुआवजा मिलना चाहिए लेकिन नेशनल हाईवे उन्हें मुआवजा नहीं दे रहा। किसानों ने यह भी कहा कि उप्र में चार गुना मुआवजा मिल रहा है फिर यहां किसानों से भेदभाव क्यों। किसानों और अधिकारियों के बीच दो घंटे तक नोकझोक चलती रही। किसानों का कहना है कि जब तक दोगुना मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक वे काम नहीं करने देंगे। उधर नेशनल हाईवे अथॉरटी का कहना है कि अलग-अलग राज्य के हिसाब से मुआवजा तय है। शासन की गाईड लाईन के अनुसार किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है।
इनका कहना-
एनएचएआई द्वारा फोर लाइन बनाने के लिए मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण किया गया है किसान निर्माण एजेंसी को काम नहीं करने दे रहे थे जिसको लेकर यहां आए थे कुछ ही किसानों की समस्या है जिसको बैठकर सुलझाया जायेगा।
भानुप्रताप सिंह, तहसीलदार नौगाँव