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फेयरवेल पार्टी में भावुक हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज, स्टाफ से कही ये बात

शिवराज ने फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट भी लिखी

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भोपाल। सीएम हाउस खाली करने से पहले बुधवार रात पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने स्टाफ को फेयरवेल पार्टी दी।इसके साथ ही उन्होंने एक फेसबुक पर भावुक पोस्ट भी की। उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री के तौर पर अपने 13 साल के कार्यकाल में हर कदम पर साथ देने वाले पर्सनल स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों को डिनर पार्टी दी। इन सभी से गहरा नाता बन चुका था, जो विस्मृत होना संभव नहीं है, आप सभी का दिल से धन्यवाद। इससे पहले बुधवार सुबह उन्होंने अपना ट्वीटर स्टेटस अपडेट किया था और मुख्यमंत्री की जगह पूर्व मुख्यमंत्री लिखा था। वही उन्होंने ट्वीटर के माध्यम से भी कई भावात्मक बातें कही थी।

दरअसल, मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री निवास खाली करना होगा। यह प्रक्रिया एक दो दिन में पूरी हो जाएगी।सीएम हाउस छोड़ने से पहले उन्होंने अपने पर्सनल स्टाफ को फेयरवेल पार्टी दी। शिवराज ने फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट भी लिखी है। शिवराज ने फेसबुक पर लिखा आज निवास पर अपने बृहद परिवार के साथ भोजन करने का सुखद अनुभव प्राप्त किया, जो मेरे साथ पिछले 13 वर्षों से परछाई की तरह और हर चुनौती में मेरे साथ खड़ा रहा। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर सुरक्षाकर्मियों तक अपने पर्सनल स्टॉफ के साथ बिताए यह पल जीवनभर अविस्मरणीय रहेंगे। निवास के रखरखाव से लेकर स्वच्छता और सौंदर्य तक की देखभाल करने वाले सभी साथियों के साथ आज समय बिताकर मन आनंदित हो गया। आप सभी से मेरा इतना गहरा नाता बन चुका है, जो विस्मृत होना संभव नहीं है। आप सभी का हृदय से धन्यवाद।

वही दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि मेरा सौभाग्य है कि 13 साल मुझे मध्यप्रदेश व प्रदेशवासियों की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रदेशवासियों का असीम स्नेह सरकार और विशेष रूप से मुझे सदैव मिलता रहा। मैंने प्रदेश में सरकार मुख्यमंत्री बन कर नहीं बल्कि एक परिवार का सदस्य बन कर चलाने की कोशिश की। 7.5 करोड़ मध्यप्रदेशवासी मेरे परिवार के सदस्य हैं, उनका सुख मेरा सुख व उनका दु:ख मेरा दु:ख है। मैंने पूर्ण क्षमता के साथ अपनी टीम के साथ मिल कर प्रदेश का विकास और जनता का कल्याण करने की कोशिश की है, किसी भी प्रकार की कसर कहीं नहीं छोड़ी। मध्यप्रदेश में आने वाली सरकार से अपेक्षा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता बनी रहे। नई सरकार बनाने वाली पार्टी अपने वचनपत्र के मुताबिक 10 दिनों में प्रदेश किसान भाइयों का कर्ज माफ करे। उन्होंने वादा किया है कि ऐसा न करने पर वे अपना मुख्यमंत्री बदल देंगे। हमारी अब विपक्ष की भूमिका है, जिसे हम सशक्त और रचनात्मक रूप से निभाएंगे और प्रदेश के चौकीदार की तरह निगरानी रखेंगे। जान कर मैं कभी करता नहीं, यदि मेरे मुख्यमंत्री रहने के दौरान मेरे काम, मेरे शब्दों या मेरे भाव से अंजाने में प्रदेशवासियों के मन को कष्ट हुआ हो तो मैं हृदय से क्षमाप्रार्थी हूँ। कार्यकर्ताओं के परिश्रम को प्रणाम व केन्द्रीय नेतृत्व का आभार प्रकट करता हूँ। कार्यकर्ताओं व जनता के सहयोग, केंद्र सरकार के समर्थन के बावजूद हम अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं कर सके इसके लिए मैं स्वयं को उत्तरदायी मानता हूँ। शायद कहीं न कहीं मेरी ही कमी रही जो मैं जनता की कसौटी पर खरा नहीं उतर पाया।