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मध्य प्रदेश

कमलनाथ के इस चाल से हिल गई दिल्ली, बीजेपी के लिए एमपी में चुनौती और बढ़ी।

भाजपा के लिये मध्यप्रदेश बना और बड़ी चुनौती

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परोक्ष रूप से कमलनाथ के हाथों में इन्दौर की कमान,बच्चन बने प्रभारी मंत्री।

इन्दौर। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरूवार को मंत्रियों के बीच प्रभार के जिलों का बंटवारा कर दिया। उन्होने गृह मंत्री बाला बच्चन को इन्दौर जिले का प्रभारी बनाया है। बच्चन, मुख्यमंत्री कमलनाथ के खास लोगों में शुमार है, इसके चलते उन्हे पुर्व में गृह विभाग जैसा महत्वपुर्ण महकमा दिया गया और अब प्रदेश की आर्थिक राजधानी इन्दौर का प्रभारी बनाया गया है। इस तरह से मुख्यमंत्री ने मंत्री बच्चन के बहाने परोक्ष रूप से इन्दौर की कमान अपने हाथों में रखी है। पिछली भाजपा सरकार में भी कुछ वर्ष के लिए तत्कालिन गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह इन्दौर जिले के प्रभारी रह चुके है, वे भी शिवराज सिंह चौहान के सबसे खास मंत्री माने जाते थे।

Kamalnath, CM MP, Photo source – Google

इसी क्रम में खेल एवं युवक कल्याण मंत्री जीतू पटवारी को देवास व शाजापुर जिले का प्रभार दिया गया है। इन दोनों ही जिलों में खाती समाज के मतदाता बड़ी संख्या में है और इनके बीच मंत्री पटवारी का प्रभाव भी माना जाता है। संभवत: आगामी लोकसभा चुनाव की दृष्टि से उन्हे यहां का प्रभार दिया गया है, क्योंकि वर्तमान में इस सीट पर भाजपा का कब्जा है और खाती समाज का झुकाव भाजपा की और माना जाता है। इनमे सेंधमारी की रणनीति के लिए ही मंत्री पटवारी प्रभारी बनाए गए है।

वैसे इन दोनों ही जिलों से मुख्यमंत्री कमलनाथ के खास मंत्री सज्जन सिंह वर्मा व हुकुम सिंह कराडा भी आते है। लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को उज्जैन व खरगोन जिले की जिम्मेदारी दी गई है। वर्मा चुंकि मुख्यमंत्री के सबसे विशवस्तों में शुमार है, इस कारण लोकसभा चुनाव के लिहाज से उन्हे यहां का प्रभार दिया गया है। इन दोनों ही सीटों पर वर्तमान में भाजपा का कब्जा है, अजा वर्ग के लिए आरक्षित उज्जैन से पुर्व में एक बार मंत्री वर्मा भाग्य भी आजमा चुके है।

इसी क्रम में लोक स्वास्थ्य व पारिवारिक कल्याण मंत्री तुलसी सिलावट को खंडवा व बुरहानपुर जिले का प्रभार दिया गया है। बताते है मंत्री सिलावट ने प्राथमिकता के तौर पर इन दोनों जिलों के प्रभार की इच्छा जताई थी। इसके चलते ही मुख्यमंत्री ने उन्हे इन दोनों ही जिलों का प्रभार देने में कोई देरी नहीं की।