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भोपाल / मैथ्स-साइंस में अच्छी थी, फिर भी आर्ट्स लेने पर परिचित मजाक उड़ाते थे, इसे चैलेंज माना और बेस्ट करके दिखाया : जैनब

इस बार 12वीं की परीक्षा के नतीजे 2 मई को ही आ जाना चौंकाने वाला रहा

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भोपाल. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने गुरुवार दोपहर 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया। भोपाल से करीब 6000 बच्चों ने यह परीक्षा दी। इसमें डेमॉन्स्ट्रेशन स्कूल की छात्रा ज़ैनब सैफी ने 493/500 नंबरों के साथ 98.60% हासिल किए और सिटी में टॉप किया। सेंट जोसेफ को-एड स्कूल के छात्र सक्षम सिंह ने 98.4 प्रतिशत के साथ दूसरा, डीपीएस नीलबड़ की स्टूडेंट पलक चौकसे ने 98.2 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। भोपाल चैप्टर के सीबीएसई कोऑर्डिनेटर फादर सेबी ने बताया- इस परीक्षा में भोपाल के स्टूडेंट्स का पास परसेंटेज 95 रहा।

, क्योंकि रिजल्ट 15 मई तक आने की उम्मीद थी। जल्दी रिजल्ट आने का बड़ा कारण है, इस बार इवैल्यूएशन के दौरान नंबरों की अपलोडिंग रोजाना की गई। सीबीएसई के इस निर्देश का सभी स्कूलों ने पालन किया जिससे रिजल्ट जल्दी आया।

ह्यूमैनिटीज़ से सबसे ज्यादा टॉपर
इस बार के नतीजों में देखने को मिला कि टॉपर्स में हम्यूमैनिटीज विषय चुनने वाले सबसे ज्यादा हैं। टॉप-10 की लिस्ट में 10 स्टूडेंट्स ने यही विषय लिया था। वहीं दूसरे नंबर पर कॉमर्स लेने वाले छात्रों की संख्या रही। पीसीएम लेने वालों की संख्या लिस्ट में तीसरी है, जबकि बायोलॉजी लेने वाले सिर्फ दो स्टूडेंट हैं।

हर बार की तरह लड़कियां फिर आगे 
टॉपर्स की लिस्ट में एक बार फिर लड़कियां आगे हैं। टॉप-10 की लिस्ट में 15 लड़कियां हैं, जबकि लड़के आठ ही हैं।

टीवी पर कॉमेडी शो देखकर खुद को रिफ्रेश रखती थी मैं 
मैं राइटर और प्रोफेसर बनना चाहती हूं। इसलिए मेरा टारगेट शुरू से ही बहुत क्लीयर था। कक्षा 10वीं में मेरे मैथ्स और साइंस में 90 से ज्यादा नंबर थे। इसलिए मेरे घरवाले और परिचित मुझे मैथ्स-साइंस लेने का बोल रहे थे। लेकिन मैंने ह्यूमैनिटीज को ही तरजीह दी। शुरुआत में मेरे परिचित इस विषय को लेने पर मेरा मजाक उड़ाते थे। लेकिन मैंने उनके मजाक को चैलेंज के रूप में लिया और ह्यूमैनिटीज के साथ ही टॉप करने की ठानी। इसके लिए अप्रैल 2018 से ही स्ट्रैटजी तैयार की। जनवरी 2019 तक लगातार स्कूल में तैयार करवाए जाने वाले नोट्स, क्लास के लेक्चर आदि को बहुत गहराई से समझा। वर्क बुक, सैंपल पेपर को फॉलो किया।

आखिरी के समय में टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई की ताकि हर विषय को बेहतर ढंग से बराबर टाइम दे सकूं। इस दौरान कई बार मानसिक तनाव भी होता था। ऐसे में खुद को फ्रेश रखने के लिए कपिल शर्मा का शो देखती थी। मुझे इंग्लिश लिट्रेचर पसंद है और इसी में लेखक या प्रोफेसर बनना चाहती हूं।