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1990 में हिरासत में हुई मौत पर IPS संजीव भट्ट को उम्रकैद की सजा

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जामनगर सेशंस कोर्ट ने 1990 में जामजोधपुर में हुई कस्टोडियल डेथ के मामले में पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। संजीव भट्ट और कांस्टेबल प्रवीण झाला को हत्या के अपराध में दोषी माना गया है। यह फैसला जामनगर सेशंस कोर्ट के न्यायाधीश डी.एम.व्यास ने दिया है।

क्या था पूरा मामला
बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने 133 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस कस्टडी में ही एक शख्स की मौत हो गई थी। उस शख्स के साथ मारपीट का आरोप संजीव भट्ट और उनके साथी पर लगा था। बाद में संजीव भट्ट और उनके साथी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। 2011 में राज्य सरकार ने संजीव भट्ट के खिलाफ ट्रायल की परमिशन दी थी।

संजीव भट्ट को बिना किसी मंजूरी के गैरहाजिर रहने और आवंटित सरकारी वाहन के दुरुपयोग को लेकर 2011 में निलंबित कर दिया गया था, और 2015 में बर्खास्त कर दिया गया था।

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