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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के जशपुर में  भीषण गर्मी से जलप्रपात और सिंचाई जलाशय सूखे 

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पत्थलगांव. रमेश शर्मा

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप व्याप्त है. जानलेवा गर्मी के चलते यंहा रजपुरी, गुल्लू और रानीदाह जल प्रपात के अलावा 8 बड़े सिंचाई जलाशय भी सूखे की चपेट में आ गए हैं।गर्मी का प्रकोप से यंहा अधिकतम 24 मीटर भू जल स्तर में गिरावट के बाद पत्थलगांव, लुड़ेग, कांसाबेल, बगीचा और पंडरापाठ के पहाड़ी क्षेत्रों में पानी की एक एक बून्द की खातिर लोगों को मशक्कत करनी पड़ रही है।

जशपुर जिले में ज्यादातर खूबसूरत जल प्रपात सूखे की चपेट में आ जाने से यंहा सबसे अधिक बाहर के सैलानियों के आने पर बुरा असर पड़ा है। बगीचा तहसील में धार्मिक एंव पर्यटन महत्व का प्रसिध्द कैलाश गुफा पर्यटन स्थल का जल प्रपात में भी इन दिनों पानी की पतली धारा रह गई हैं।
चिलचिलाती गर्मी का मौसम में पत्थलगांव का तापमान 44 के पार पहुंच जाने से जशपुर के 19 में से 8 सिंचाई सूखे की चपेट में आ गए हैं। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता का कहना है कि इस वर्ष भीषण गर्मी का प्रकोप के चलते आधा दर्जन सिंचाई जलाशय पहली बार सूखे हैं।

वन क्षेत्र का रकबा में आई भारी कमी के बाद जशपुर में बाहर के सैलानियों को आकर्षित करने वाले जलप्रापत पहली बार सूख गए हैं। जशपुर जिले में पंडरापाठ, बगीचा, रौनी और मनोरा क्षेत्र की उंची निची पहाड़ी और पानी के झरनों से आकर्षित होकर प्रदेश के महानगरों के साथ पड़ोसी ओड़िसा और झारखंड राज्य के पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ देखी जाती थी। इस वर्ष भीषण गर्मी का प्रकोप से यहा के पर्यटन स्थल सूने पड़े हैं।

बगीचा के जनपद उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि पर्यटन के नक्शे में जशपुर जिले की अलग पहचान बनाने वाला रजपुरी जलप्रपात, गुल्लू और रानीदाह जलप्रपात पूरी तरह सूख जाने से यंहा बाहर के सैलानियों की आवाजाही पर काफी बुरा असर पड़ा है। उन्होने बताया कि बगीचा तहसील में ही धार्मिक एवं पर्यटन महत्व का प्रसिध्द स्थल कैलाशगुफा में भी इस वर्ष सैलानियों की भीड़ गायब हो गई है।

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